AHF News / Thu, Mar 5, 2026 / Post views : 18
राजनैतिक दलों ने आपसी प्रेम और भाईचारे में भी जहर घोल दिया है।
धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में अब धर्मों को लेकर प्रतिद्वंदता साफ तौर पर दिखाई दे रही है।
किस प्रकार से मजहबों को लेकर टकराव हो रहे हैं उसका जीता जगता उदाहरण जिगना गांव में देखने को मिला।
जिगना गांव के सुरेंद्र गौतम जो भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष हैं सुरेंद्र नव बौद्ध धर्म के अनुयाई हैं।
सुरेंद्र के पूर्वज भले ही हिंदू थे पर सुरेंद्र ने नव बौद्ध धर्म अपना लिया है।
वहीं बीते कल सुरेंद्र का भाई सतीश अहिरवार अपने घर के सामने बैठा हुआ था तभी उन्हीं के परिवार के विकास अहिरवार ने उसे होली पर गुलाल लगा दिया।
बस इतनी सी बात पर विवाद बढ़ता चला गया देखते ही देखते दोनों पक्षों में लाठियां तन गईं।
मामला खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।
एक पक्ष के दो और दूसरे पक्ष के तीन लोग गंभीर घायल हैं।
घटना में महिलाओं को भी चोट आई है।
V O _ जिगना थाना क्षेत्र के जिगना गांव में होली पर गुलाल लगाने को लेकर जमकर लाठी और डंडे चले।
घटना बुधवार शाम की है।
जहां अंबेडकर पार्क के रहने वाले दो पड़ोसी आपस में भिड़ गए।
यहां आपको अवगत करा दें।
जिगना गांव के सतीश अहिरवार और विकास अहिरवार आपस में पड़ोसी तो हैं ही वह एक परिवार को ही ब्लॉन्ग करते हैं।
सतीश का भाई सुरेंद्र भीम आर्मी का जिलाध्यक्ष होने के साथ साथ नव बौद्ध है इस कारण से वह हिंदू तीज त्यौहार नहीं मनाते हैं।
विकास अहिरवार ने सतीश के मना करने के बावजूद भी उसे होली का गुलाल लगा दिया इसी बात को लेकर सतीश बिफर गया और देखते ही देखते लाठी डंडे चलने लगे। दोनों पक्ष घायल हो गए।
दोनों पक्षों पर पुलिस ने क्रॉस मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
यहां यह बात स्पष्ट रूप से कही जा सकती है कि अब राजनेता अपना कैरियर बनाने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन